Saturday, 28 October 2017

रिश्ते


सुबह का वक़्त हो रहा था. नवम्बर का पहला सफ्ताह था. सुबह सुबह हलकी ठण्ड थी. मैं अपने बालकनी में खड़े हो कर चाय की चुस्की ले रहा था और साथ साथ अखबार वाले का इन्तजार भी कर रहा था. जल्दी से अखबार पढ़ कर ऑफिस जाना था.